Tuesday, January 19, 2010

दोस्ती ऐ ज़िन्दगी

दोस्ती का यही तकाजा है ! अपना लज़ाम मेरे सर डालो
सोच बाद में भी लेना ! पहले हालात पर नज़र डालो
ज़िन्दगी जब बहुत छोटी लगे मेरे दोस्त
कहा मनो -- एक छोटा सा गुनाह कर ढालो!!

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