Friday, January 29, 2010

शक


चाहने से पहले वफ़ा पे शक है
जीने से पहले जिंदा होने पे शक है
मुलाकात से पहले मिलन-ऐ-तारीख पे शक है
इतना शक न कर ऐ ज़ालिम की तुझे हर सच पे शक है ॥

Wednesday, January 27, 2010

तलाश


में खुद ही अपनी तलाश में हूँ - मेरा कोई रहनुमा नहीं है
वो क्या दिखायेंगे हमे रास्ता जिन्हें खुद अपना पता नहीं है
बहुत दिनों से देख रहा हूँ मिल रही है सजा हर खता की
पर पहेले कोई यह तो बता दे - कौन सी सजा कौन सी खता की है

Friday, January 22, 2010

दास्ताँ

मुझे भी अपनी दास्ताँ कहने दो
आंसु कह रहे है दिल की बात कहेने दो
बड़े बेवफा निकले तुम - ये बात सिर्फ आपने तक रहेने दो
तुम हो गए किसी और के - कम से कम हमे तो अपनी खातिर जीने दो !!

मुद्दत

फिर शाम ढली - तुम आये आज भी
मतलब दिल को फिर बहलाना होगा
वादा खिलाफी कर गए फिर आप
देखना दिन कयामत तक पछताना होगा
लहू से नाम लिखा होगा कफ़न पे
जब
थाम के हाथ में फूल आना तुमको होगा
देख
मुद्दत तक किया इंतज़ार तेरा
उम्र
कट गयी अब तो जाना होगा ...!!!

Wednesday, January 20, 2010

दामन


आंसुओ से भर गया दामन मेरा
फ़र्क नहीं आबाद हुआ रोशन तेरा
में तो हवा के
मानिन्द था ठहेरा
आज कैद तो कल रिहा हो बेठा !!!

पत्थर के भिछोने


वह
सक्श जो तनहा रोता है
अपने आंसुओ को पलकों से पिरोता है
सो जो नहीं पा रहा है पत्थर के भिछोने पे
यक़ीनन किसी की बाहों में सोता रहा होगा !!

रात


आज की रात बड़ी शोख और कातिल है
आज तो फिर मुश्किल है नींद का आँखों में आना
रोज़ सोचता हूँ में यही -- पर चलता तो रहता है ज़िन्दगी का आना जाना !!

आखिरी सलाम


आज की रात तुझे आखिरी सलाम और दे दू
कौन
जाने कल यह ज़िन्दगी का दिया जले या जले
झूठ
और फरेब की इस मतलबी दुनिया में
कल
फिर सच की हवा चले या चले !!

Tuesday, January 19, 2010

दोस्ती ऐ ज़िन्दगी

दोस्ती का यही तकाजा है ! अपना लज़ाम मेरे सर डालो
सोच बाद में भी लेना ! पहले हालात पर नज़र डालो
ज़िन्दगी जब बहुत छोटी लगे मेरे दोस्त
कहा मनो -- एक छोटा सा गुनाह कर ढालो!!

निगाहे

मेरी निगाहे क्यों दूंढ़ती है उसे
जिस शोख का मैने कभी जलवा नहीं देखा
देखा है रोते और तड़फते हुए दिल को
जिस रोज़ हमने एक नज़र वोह चेहरा नहीं देखा !!