
न समझ पाओगे यह सोचा न था -- यु बेखबर हो जाओगे यह सोचा न था |
होकर तेरे समा तुझमे जायेंगे यह सोचा न था -- मिटना तो था पर फ़न्हा तुझमे हो जायेंगे यह सोचा न था ||
ज़िंदगी के तमाम पहलुओ से रूबरू कराते कई अनकहे सफर जिन्हे तय करने तो सभी निकेलते है पर कोई अपने नज़रिये ओर मनोबल से सुखद तो कोई यादगार बनाता है | ऐसे ही पलो मे जो विचारो का उतार चड़ाव हमारे ज़्हेन को छु जाता है उन्ही सब खलायातों से सरोबर है यह ब्लॉग |