ज़िंदगी के तमाम पहलुओ से रूबरू कराते कई अनकहे सफर जिन्हे तय करने तो सभी निकेलते है पर कोई अपने नज़रिये ओर मनोबल से सुखद तो कोई यादगार बनाता है | ऐसे ही पलो मे जो विचारो का उतार चड़ाव हमारे ज़्हेन को छु जाता है उन्ही सब खलायातों से सरोबर है यह ब्लॉग |
Tuesday, March 29, 2011
अमीर - ग़रीब
या खुदा इलतज़ा है तुझसे, बना बंदे को अमीर इतना की सपना हर पूरा कर सके |
NICE ASHISH
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