ज़िंदगी के तमाम पहलुओ से रूबरू कराते कई अनकहे सफर जिन्हे तय करने तो सभी निकेलते है पर कोई अपने नज़रिये ओर मनोबल से सुखद तो कोई यादगार बनाता है | ऐसे ही पलो मे जो विचारो का उतार चड़ाव हमारे ज़्हेन को छु जाता है उन्ही सब खलायातों से सरोबर है यह ब्लॉग |
Monday, June 7, 2010
जज़्बात
जज़्बात सजोने से जो रिश्ते बनते है -- मुश्किल से ये दिल कही और मिलते है | अनजाने में भी न खेलना इन दिलो से -- ये जो खो जाये तो बाकि सभी गैर निकलते है ||
sir kya likhte hai aap
ReplyDeletekaha se itni barsati knowledge late hai mujhko bhi kuch gyaan de dijiye
aapka agya kari anuj