ज़िंदगी के तमाम पहलुओ से रूबरू कराते कई अनकहे सफर जिन्हे तय करने तो सभी निकेलते है पर कोई अपने नज़रिये ओर मनोबल से सुखद तो कोई यादगार बनाता है | ऐसे ही पलो मे जो विचारो का उतार चड़ाव हमारे ज़्हेन को छु जाता है उन्ही सब खलायातों से सरोबर है यह ब्लॉग |
Tuesday, March 9, 2010
मौसम-ऐ-हालात
मौसम कि तरह हालात बदलते है -- जैसे दिलो में जस्बात बदलते है! आज देख हमे जो रास्ते बदलते है -- गम नहीं क्यों कि सारे रास्ते हमारी और ही मुढ़ते है!!
Wah -Wah kya baat hai sir
ReplyDeleteApko to shayar hona chaheye aap IT mai kya kar rahe hai